मोदी-पेजेशकियन की तस्वीर ने खींचा ध्यान
BRICS Business Forum के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की एक तस्वीर चर्चा में है, जिसमें पीएम मोदी पेजेशकियन का हाथ थामे नजर आए। इस दृश्य को दोनों नेताओं के बीच सौहार्द के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष जारी है। भारत के अमेरिका और इजरायल दोनों के साथ मजबूत संबंध हैं, वहीं ईरान के साथ भी भारत अपने पारंपरिक और रणनीतिक रिश्ते बनाए हुए है।
मोदी ने ईरान के साथ बातचीत में क्या कहा?
BRICS Summit से इतर मोदी और पेजेशकियन के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री रास्तों की सुरक्षा, व्यापार की निर्बाध आवाजाही और नाविकों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया।
यह दोनों नेताओं की करीब दो सप्ताह में दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले दोनों की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान हुई थी।
क्या सिर्फ एक तस्वीर से बदली विदेश नीति?
मोदी और पेजेशकियन की यह गर्मजोशी भरी तस्वीर जरूर ध्यान खींच रही है, लेकिन इसे भारत की विदेश नीति में किसी बड़े बदलाव का सीधा संकेत मानना जल्दबाजी होगी।
भारत लगातार अलग-अलग देशों के साथ अपने हितों के आधार पर संबंध बनाए रखने और विवादों के समाधान के लिए संवाद की वकालत करता रहा है। BRICS Summit में भी भारत का जोर आर्थिक सहयोग, सुरक्षित व्यापार मार्गों और कूटनीतिक समाधान पर दिखाई दे रहा है।